PM मोदी ने देशवासियों से 1 साल तक सोने के गहने न खरीदने की अपील की…क्या है इसके पीछे की वजह?

तेलंगाना/हैदराबाद : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को देशवासियों से एक साल तक सोने के गहने नहीं खरीदने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा वैश्विक संकट और आर्थिक चुनौतियों के दौर में विदेशी मुद्रा भंडार बचाना देश के लिए बेहद जरूरी है।
दरअसल, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष की वजह से होर्मुज स्ट्रेट में अमेरिकी नाकेबंदी जारी है और तेहरान के साथ वॉशिंगटन की सुलह नहीं हो पाई है। हालांकि, दोनों देशों के बीच युद्धविराम लागू है। इसके बावजूद छिटपुट हिंसा की रिपोर्ट्स सामने आती है। इसी वजह से दुनियाभर में तेल संकट गहराता जा रहा है।
हैदराबाद में आयोजित एक रैली को संबोधित करते हुए कहा, ”एक समय था जब युद्ध या संकट के दौरान लोग देश के लिए सोना दान करते थे। आज दान देने की जरूरत नहीं है, लेकिन हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि एक साल तक किसी भी समारोह या कार्यक्रम में सोने के गहने नहीं खरीदेंगे। विदेशी मुद्रा बचाने के लिए हमारी देशभक्ति की परीक्षा हो रही है और हमें इस चुनौती को स्वीकार करना चाहिए।
सार्वजनिक परिवहन का करें इस्तेमाल…
पीएम मोदी ने कहा कि जनता की सामूहिक भागीदारी से देश की आर्थिक स्थिरता मजबूत हो सकती है। उन्होंने लोगों से पेट्रोल और डीजल का सीमित उपयोग करने, सार्वजनिक परिवहन अपनाने और अनावश्यक विदेशी यात्राओं से बचने की भी अपील की। पीएम मोदी ने कहा कि जिन शहरों में मेट्रो सुविधा उपलब्ध है, वहां लोगों को निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना चाहिए।
पीएम मोदी ने आगे वर्क फ्रॉम होम को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा, ”वर्क फ्रॉम होम, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग और ऑनलाइन बैठकों जैसी पुरानी व्यवस्थाओं को फिर से अपनाने की जरूरत है।” उन्होंने कहा कि मौजूदा समय में विदेशी मुद्रा संरक्षण राष्ट्रीय प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने मध्यम वर्ग में बढ़ते डेस्टिनेशन वेडिंग और विदेशी छुट्टियों के चलन का जिक्र करते हुए कहा कि कम से कम एक साल तक विदेश यात्रा टालनी चाहिए।
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष का उल्लेख करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सप्लाई चेन पर संकट लगातार बना हुआ है, जिससे वैश्विक आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, ”हमें देश और मातृभूमि को सर्वोपरि रखते हुए एकजुट होकर इस चुनौती का सामना करना होगा। देशभक्ति केवल देश के लिए मरना नहीं है, बल्कि देश के लिए जीना और अपने कर्तव्यों का पालन करना भी सच्ची देशभक्ति है।



