DGP अरुण देव गौतम ने धमतरी में निःशुल्क पुस्तकालय एवं बुक बैंक “पुलिस की पाठशाला” का किया शुभारंभ

छत्तीसगढ़/धमतरी : सामुदायिक पुलिसिंग और सिविक एक्शन के तहत धमतरी पुलिस ने शिक्षा एवं युवा सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और प्रेरणादायक पहल की है। पुलिस महानिदेशक (DGP) अरुण देव गौतम ने रविवार को धमतरी में निःशुल्क पुस्तकालय एवं बुक बैंक “पुलिस की पाठशाला” का फीता काटकर शुभारंभ किया। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद छात्र-छात्राओं के साथ-साथ पुलिस परिवार के बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण अध्ययन सामग्री निःशुल्क उपलब्ध कराना है।
युवाओं के सपनों को नई दिशा देगा ज्ञान केंद्र…
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीजीपी अरुण देव गौतम ने कहा कि शिक्षा किसी भी समाज और राष्ट्र की सबसे मजबूत आधारशिला होती है। उन्होंने कहा कि ‘पुलिस की पाठशाला’ केवल एक पुस्तकालय नहीं, बल्कि हजारों युवाओं के सपनों को साकार करने वाला ज्ञान का केंद्र है। उन्होंने कहा कि यह पहल पुलिस और समाज के बीच विश्वास, सहयोग और सकारात्मक सहभागिता का उत्कृष्ट उदाहरण है। साथ ही उन्होंने प्रदेश के सभी जिलों में इस तरह की पहल शुरू करने की आवश्यकता पर जोर दिया ताकि आर्थिक रूप से कमजोर लेकिन प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके।
प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए मिलेगा पूरा सहयोग…
धमतरी पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार ने बताया कि यह पहल धमतरी पुलिस की टैगलाइन ‘जन सेवा • सुरक्षा • विश्वास’ को वास्तविक रूप देने का प्रयास है। उन्होंने जानकारी दी कि पुस्तकालय में UPSC, CGPSC, SSC, रेलवे, बैंकिंग, रक्षा सेवाएं, व्यापम, शिक्षक भर्ती, पटवारी सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित पुस्तकें निःशुल्क उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा युवाओं के लिए करियर काउंसलिंग, मोटिवेशनल क्लास, इंटरव्यू गाइडेंस, स्पोकन इंग्लिश तथा पर्सनैलिटी डेवलपमेंट जैसी गतिविधियां भी नियमित रूप से संचालित की जाएंगी।
कलेक्टर और डीएफओ ने की पहल की सराहना…
कार्यक्रम में मौजूद कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि ज्ञान सफलता का सबसे प्रभावी माध्यम है और जो युवा पुस्तकों से जुड़ते हैं, वे जीवन में बड़ी उपलब्धियां हासिल करते हैं। वहीं डीएफओ कृष्ण जाधव ने भी इस अभिनव पहल की प्रशंसा करते हुए इसे युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक मील का पत्थर बताया।
समाज के सहयोग से साकार हुआ अभियान…
‘पुलिस की पाठशाला’ को सफल बनाने में विभिन्न सामाजिक संगठनों, शिक्षण संस्थानों, चिकित्सकों और जागरूक नागरिकों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बड़ी संख्या में पुस्तकों का दान कर समाज ने इस जनहितकारी अभियान में अपनी सहभागिता दर्ज कराई। रेड क्रॉस सोसायटी, लायंस क्लब, रोटरी क्लब, इनरव्हील क्लब, चैंबर ऑफ कॉमर्स, यूथ हॉस्टल तथा शिक्षक संघ सहित कई संगठनों ने इस पहल का स्वागत किया और इसे शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक कदम बताया।
समाजसेवियों और संस्थाओं का हुआ सम्मान…
कार्यक्रम के दौरान पुस्तकालय स्थापना में विशेष सहयोग देने वाले समाजसेवियों, संस्थाओं और संगठनों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में प्रशासनिक अधिकारी, पुलिस अधिकारी, सामाजिक संगठन और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।



